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केंद्र सरकार द्वारा गेहूँ पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) हटाये जाने से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे किसान

भाजपा की केंद्र सरकार नें गेहूँ पर १० प्रतिशत आयात शुल्क हटा दिया है। इसका मतलब होगा की विदेशों से गेहूँ आयात करने पर किसी तरह का कर नहीं लगेगा। इसका सीधा खामियाजा देश भर के किसानों को उठाना पड़ेगा क्योंकि बाजार में सस्ते विदेशी गेहूँ के उपलब्धता के वजह से भारतीय किसानों को गेहूँ की कीमत कम मिलेगी और भारतीय गेहूं की मांग में भारी कमी आएगी।

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नीतीश की कलम से : मोदीजी के बदलते रंग

मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूँ कि अपनी सकुंचित सोच से इस देश की महान परंपरा को धूमिल न करें। लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य बात है। अत: आप बिहार में हार रहे हैं तो क्या हुआ, अपने दुर्भावों से देशवासियों का भरोसा मत गंवाइये।

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नीतीश की कलम से : बिहार चुनाव में दिखा भाजपा का असली चाल चरित्र और चेहरा

घटनाएं होती रहीं, माहौल बिगड़ता रहा, पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने की बजाए भाजपा के नेता हर घटना को बिहार के चुनाव में नफ़ा नुकसान के अनुसार भुनाते रहे | अब हालत यह है कि दाल महंगी है और दलित की जान सस्ती | लेखक पुरस्कार लौटा रहे हैं और पत्रकारों का सम्मान छिन रहा है | राष्ट्रपति विचलित हैं, प्रधानमंत्री चुप हैं, और देश भर में हलचल है |

Finance

नीतीश कुमार के नेतृत्व में वित्तीय प्रबंधन में बिहार की क्रांतिकारी प्रगति

बिहार को इन सब कामों के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिली। सन 2013 में सिंगापुर के फ्यूचर गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ने राज्य सरकार को ‘गवर्नमेंट सीएफओ अवार्ड 2013’ से सम्मानित किया। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की वित्तीय प्रणाली, प्रक्रियाओं, कानूनों और प्रबंधन में लगातार सुधार जारी है ताकि राज्य मजबूत वित्तीय नियंत्रण व संतुलन बनाए रखे और दिनोदिन ऐसे ही तरक्की करता रहे।

Communal Violence

चुनावी फायदे के लिए साम्प्रदायिक तनाव फैलाने में जुटी भाजपा

बिहार विधानसभा का चुनाव अब चंद ही दिन दूर है। ये रुझान राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। यह हम सबके लिए चिंताजनक बात है। वोटरों को साम्प्रदायिक धुव्रीकरण के प्रचार पर नजर रखनी चाहिए। इनसे होशि‍यार रहना चाहिए। भाजपा के उम्मीदवारों के मुंह से एक ओर हम ‘विकास’ की बात सुनते हैं तो दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है। ध्यान रहे, वोटरों का साम्प्रदायिक आधार पर धुव्रीकरण भाजपा और उसके एनडीए सहयोगियों का चुनावी मंत्र बन चुका है।

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